गुरुवार, 23 अक्टूबर 2008

अनोखी

जब मैं राजस्थान में थी तब मै अनोखी के संग्रहालय भी गयी. वह संग्रहालय आमेर में है खेरी गेट कि बगल में. संग्रहालय में छपाई कि कला दिखाई जाती है. तभी मुख्य प्रदर्शनी "परिवर्तन और प्रचलन छपाई कि कला, १९७०-२००५" है. मुझे संग्रहालय बहुत अच्छा लगा. हर कमरे में अलग-अलग प्रकार के कपडा है. मुझा हर प्रकार का कपडा देखना दिलचस्प लगा और हर प्रकार के बारे में सीखना थी. दो दुसरे प्रदर्शनी भी थी जो "अज्राख" और "बालोतरा" के बारे में थे. अज्राख एक प्रकार कि छपाई कि कला और रंगना है जिसमे प्राकृतिक रंग का इस्तेमाल करते है. एक मुख्य रंग अज्राख में ननि है. अज्राख का कपडा लाल नीला और सफ़ेद है. अज्राख में कई क्षेत्रीय भिन्नताएँ है और यह कपडा भारत-पाक सीमा पर दोनों किनारे बन जाते हैं. दूसरी प्रदर्शनी बालोतरा के बारे में थी. यह गाँव जो राजस्थान में है छपाई कि कला के लिए महत्त्वपूर्ण जगह है. क्योंकि बालोतरा रेगिस्तान में है और काफ़ी सुदूर है तो बहुत लोग परंपरागत चीज़ सब कामों के लिए इस्तेमाल करते हैं. इसलिए अभी भी एक ज़ोरदार गाँव परंपरागत छपाई कि कला के लिए है. प्रदर्शनी में थे छपाई कि कला दिखाई जाती थी और बहुत सुंदर थे.

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